Business 05 Oct, 2026 129 views

अमेरिका के कमजोर Jobs Data से बदला बाजार का मूड, Dollar पर दबाव और Fed Rate Hike की उम्मीद घटी

अमेरिका के सितंबर Jobs Data ने बाजार को चौंका दिया है। रोजगार वृद्धि उम्मीद से कम रहने के बाद Federal Reserve की ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घट गई है। इसका असर Dollar, अमेरिकी शेयर बाजार और ग्लोबल मार्केट पर दिखाई दे रहा है।
अमेरिका के कमजोर Jobs Data से बदला बाजार का मूड, Dollar पर दबाव और Fed Rate Hike की उम्मीद घटी
अमेरिका से आई बड़ी आर्थिक खबर अमेरिका के ताजा रोजगार आंकड़ों ने वैश्विक वित्तीय बाजार की दिशा बदल दी है। सितंबर 2026 में अमेरिका में Non-Farm Payrolls में केवल 29,000 नौकरियों की बढ़ोतरी हुई, जबकि बाजार का अनुमान करीब 90,000 नौकरियों का था। अगस्त के आंकड़े को भी घटाकर 133,000 किया गया। वहीं अमेरिका की बेरोजगारी दर अगस्त के 4.1% से बढ़कर सितंबर में 4.2% हो गई। Fed की ब्याज दर पर क्या असर पड़ा? कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी Federal Reserve अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने से बच सकता है। ताजा बाजार आकलन के अनुसार अक्टूबर में Fed Rate Hike की संभावना एक सप्ताह पहले के करीब 64% से गिरकर लगभग 22% रह गई है। इसका मतलब है कि बाजार अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक की अगली नीति को लेकर पहले की तुलना में ज्यादा नरम रुख की उम्मीद कर रहा है। Dollar पर दबाव क्यों आया? आमतौर पर अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की संभावना बढ़ती है तो Dollar को मजबूती मिल सकती है। लेकिन कमजोर Jobs Data के बाद Rate Hike की उम्मीद कम हुई है। इसी वजह से अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखने को मिला। हालांकि मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था और अमेरिकी Treasury Securities की मांग अभी भी Dollar को कुछ सहारा दे रही है। शेयर बाजार के लिए अच्छी खबर? कम ब्याज दर की उम्मीद शेयर बाजार के लिए सकारात्मक हो सकती है, क्योंकि कंपनियों और निवेशकों के लिए borrowing cost कम रहने की संभावना बनती है। ताजा कारोबार में एशियाई बाजारों में मजबूती देखी गई। जापान का Nikkei करीब 2% ऊपर था, जबकि Nasdaq और S&P 500 के Futures भी बढ़त में रहे। भारत पर क्या असर पड़ सकता है? अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, इसलिए वहां के ब्याज दर और Dollar से जुड़े फैसलों का असर भारत समेत दूसरे देशों पर भी पड़ता है। अगर अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दबाव कम होता है, तो उभरते बाजारों में विदेशी निवेश की धारणा बेहतर हो सकती है। हालांकि भारत के शेयर बाजार पर असर केवल अमेरिका के Jobs Data से तय नहीं होगा। कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल, घरेलू आर्थिक आंकड़े और वैश्विक तनाव भी महत्वपूर्ण रहेंगे। Gold और Oil पर भी नजर अमेरिकी Jobs Data के बाद Gold में भी मजबूती देखने को मिली। 5 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार Spot Gold करीब $4,154 प्रति औंस पर था। दूसरी ओर Middle East से जुड़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। Brent Crude करीब $102 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। आगे क्या होगा? अब निवेशकों की नजर आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और Federal Reserve के अगले संकेतों पर रहेगी। अगर रोजगार और महंगाई दोनों में नरमी दिखाई देती है, तो बाजार Fed से ज्यादा नरम मौद्रिक नीति की उम्मीद कर सकता है। इसके विपरीत अगर महंगाई फिर बढ़ती है, तो ब्याज दरों को लेकर तस्वीर बदल सकती है। निष्कर्ष अमेरिका के कमजोर Jobs Data ने फिलहाल बाजार में यह उम्मीद बढ़ाई है कि Federal Reserve अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने से बच सकता है। इसका असर Dollar पर दबाव, शेयर बाजार में सकारात्मक sentiment और Gold में मजबूती के रूप में दिखाई दे रहा है। हालांकि यह तस्वीर आगे आने वाले अमेरिकी inflation और economic data के साथ बदल सकती है। इसलिए निवेशकों के लिए अगले कुछ दिनों के आर्थिक आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे।
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