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18 Sep, 2026
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Trump Tariffs: रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ? जानिए बिल पास होने के बाद क्या होगा
अमेरिका में रूस-ईरान प्रतिबंध बिल पास होने के बाद भारत पर 100% तक टैरिफ की चर्चा तेज है। जानिए क्या भारत पर तुरंत शुल्क लगेगा और ट्रंप के पास क्या अधिकार हैं।
नई दिल्ली: अमेरिका में रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़ा नया कानून भारत और चीन के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 को 16 सितंबर को 262-159 वोट से मंजूरी दी। इससे पहले अमेरिकी सीनेट भी इस विधेयक को मंजूरी दे चुकी थी। अब यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है।
क्या भारत पर तुरंत 100% टैरिफ लग गया?
नहीं। यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।
बिल पास होने का मतलब यह नहीं है कि भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर तुरंत 100% अतिरिक्त शुल्क लग गया है। कानून राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 0% से लेकर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने की शक्ति देता है। इसका इस्तेमाल कब और किस देश पर कितना किया जाएगा, यह आगे अमेरिकी प्रशासन के फैसले पर निर्भर करेगा।
भारत को क्यों है खतरा?
भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है। अमेरिकी कानून का उद्देश्य रूस की ऊर्जा बिक्री से मिलने वाली आय पर दबाव बढ़ाना है। कानून में रूस के तेल या गैस के बड़े खरीदारों पर कार्रवाई के लिए प्रावधान शामिल हैं और इसमें प्रमुख खरीदारों की संख्या सीमित रखी गई है।
भारत के लिए मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में रूसी तेल की खरीद और अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
क्या ट्रंप 100% टैरिफ लगा सकते हैं?
बिल के मौजूदा प्रावधान राष्ट्रपति को ऐसा करने का अधिकार देते हैं। लेकिन 100% अधिकतम सीमा है, अनिवार्य दर नहीं।
इसका मतलब है कि भविष्य में अमेरिकी प्रशासन परिस्थितियों के आधार पर अलग दर तय कर सकता है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि भारत पर निश्चित रूप से 100% टैरिफ लगने वाला है।
भारत की प्रतिक्रिया क्या है?
भारत के विदेश मंत्रालय ने बिल के पारित होने पर कहा है कि भारत ने अमेरिका के साथ इस विषय पर पहले भी अपनी चिंताएं साझा की हैं। नई दिल्ली ने यह भी कहा कि वह अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
भारत-अमेरिका व्यापार डील पर क्या असर पड़ेगा?
यह मुद्दा भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बन सकता है। यदि अमेरिकी प्रशासन रूसी तेल खरीद को लेकर अतिरिक्त शुल्क लागू करने की दिशा में आगे बढ़ता है, तो दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता में यह मुद्दा प्रमुख बन सकता है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसका अंतिम असर व्यापार समझौते पर क्या होगा।
आम भारतीयों पर क्या असर पड़ सकता है?
अगर भविष्य में भारत के सामान पर अमेरिका की ओर से अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाता है, तो इसका सीधा असर अमेरिका को निर्यात करने वाले भारतीय कारोबारों पर पड़ सकता है।
संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों में अमेरिका को निर्यात करने वाले विभिन्न उद्योग शामिल हो सकते हैं। हालांकि वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी प्रशासन कौन-से उत्पादों पर कितना शुल्क लगाता है।
भारत के लिए आगे क्या होगा?
1. राष्ट्रपति ट्रंप बिल पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
2. कानून लागू होने के बाद अमेरिकी प्रशासन इसके प्रावधानों को लागू करने की प्रक्रिया तय करेगा।
3. भारत समेत रूस के प्रमुख ऊर्जा खरीदारों को लेकर अमेरिकी नीति स्पष्ट हो सकती है।
4. टैरिफ लगाया जाता है या नहीं और उसकी दर कितनी होती है, यह आगे के अमेरिकी फैसलों पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा फिलहाल एक संभावित नीति विकल्प है, तत्काल लागू हो चुका शुल्क नहीं। अमेरिकी कांग्रेस से बिल पास होकर ट्रंप के पास पहुंच चुका है, इसलिए अब अगला महत्वपूर्ण कदम राष्ट्रपति का फैसला और उसके बाद प्रशासन द्वारा कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल होगा।
FAQs
Q1. क्या भारत पर अभी 100% टैरिफ लग गया है?
नहीं। बिल में 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है, लेकिन भारत पर 100% शुल्क अपने-आप लागू नहीं हुआ है।
Q2. बिल का नाम क्या है?
इसका नाम Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 है।
Q3. भारत पर टैरिफ कौन लगा सकता है?
कानून लागू होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति को संबंधित प्रावधानों के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार होगा।
Q4. क्या 100% टैरिफ अनिवार्य है?
नहीं। 100% अधिकतम संभावित दर है; वास्तविक दर और कार्रवाई अमेरिकी प्रशासन के निर्णय पर निर्भर करेगी।
Q5. इसका भारत पर सबसे बड़ा असर किस क्षेत्र में हो सकता है?
यदि अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क लगाया जाता है, तो अमेरिका को निर्यात करने वाले भारतीय कारोबारों पर उसका असर पड़ सकता है। वास्तविक प्रभाव शुल्क की दर और दायरे पर निर्भर करेगा।