Share market
25 Sep, 2026
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Share Market Today: भारी गिरावट के बाद Sensex-Nifty में रिकवरी, जानें बाजार में आज क्या हुआ
भारतीय शेयर बाजार में 25 सितंबर 2026 को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पिछले कारोबारी सत्र की बड़ी गिरावट के बाद Sensex और Nifty में रिकवरी आई। कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और FII बिकवाली बाजार के प्रमुख संकेत रहे।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 25 सितंबर को निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रही। पिछले सत्र में बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली थी, जिसके बाद शुक्रवार को निचले स्तरों से खरीदारी वापस आती दिखाई दी।
बाजार में यह उतार-चढ़ाव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की बॉन्ड यील्ड 5% से ऊपर बनी हुई है और Brent crude करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल भारत के लिए खास महत्व रखता है क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।
गुरुवार को बाजार में क्या हुआ था?
24 सितंबर को Sensex 1,247.71 अंक गिरकर 73,580.54 पर बंद हुआ था। वहीं Nifty 50 383.70 अंक गिरकर 23,063.10 पर आ गया था। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों की जुलाई के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावटों में से एक रही।
गिरावट के दौरान India VIX में भी करीब 22.76% की तेजी आई, जो बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता को दर्शाती है।
FII ने बेचे ₹5,027 करोड़ के शेयर
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली बाजार के लिए बड़ा संकेत रही।
24 सितंबर को FII ने भारतीय इक्विटी में करीब ₹5,027.36 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने करीब ₹4,301.18 करोड़ की खरीदारी की।
सितंबर में अब तक FII कई कारोबारी सत्रों में बिकवाली कर चुके हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को कुछ सहारा दे रही है।
आज किन शेयरों पर रहा फोकस?
शुक्रवार के कारोबार में बाजार के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग ट्रेंड देखने को मिले। दोपहर के कारोबार में L&T, Power Grid और Axis Bank जैसे शेयरों में मजबूती दिखाई दी।
वहीं IT शेयरों में दबाव बना रहा। Infosys और Tech Mahindra जैसे शेयर कमजोर रहने की खबरें सामने आईं।
बाजार के लिए आगे कौन-से संकेत महत्वपूर्ण?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से इन चीजों पर रहेगी:
- Crude Oil: तेल की कीमतों में तेजी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
- US Bond Yield: 5% से ऊपर की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से emerging markets पर दबाव रह सकता है।
- FII Flow: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।
- US-Iran और West Asia developments: भू-राजनीतिक घटनाक्रम से तेल और वैश्विक बाजार प्रभावित हो सकते हैं।
- Nifty 23,000 का स्तर: बाजार विश्लेषकों ने इसे महत्वपूर्ण psychological support बताया है।
निवेशकों के लिए क्या समझना जरूरी है?
मौजूदा बाजार में तेजी और गिरावट दोनों के पीछे केवल घरेलू कंपनियों के प्रदर्शन का असर नहीं है। कच्चे तेल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री जैसे अंतरराष्ट्रीय कारक भी भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित कर रहे हैं।
इसलिए किसी एक दिन की तेजी या गिरावट को देखकर शेयर खरीदने या बेचने का फैसला करने के बजाय कंपनी के fundamentals, valuation और अपने risk profile को ध्यान में रखना जरूरी है।
FAQs
क्या आज Sensex और Nifty में रिकवरी हुई?
हाँ, पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को दोनों प्रमुख सूचकांकों में निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली। दिन के अंत में Sensex करीब 315 अंक और Nifty करीब 77 अंक ऊपर बंद होने की रिपोर्ट है।
बाजार में गिरावट का बड़ा कारण क्या रहा?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, महंगा crude oil, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और West Asia से जुड़ी अनिश्चितता प्रमुख कारकों में शामिल रहे।
FII ने कितने रुपये के शेयर बेचे?
24 सितंबर को FII ने करीब ₹5,027.36 करोड़ की भारतीय इक्विटी बेची।
Nifty के लिए 23,000 क्यों महत्वपूर्ण है?
बाजार विश्लेषण में 23,000 को महत्वपूर्ण support zone बताया गया है। हालांकि support या resistance तकनीकी बाजार विश्लेषण हैं, भविष्य की गारंटी नहीं।
डिस्क्लेमर: यह लेख बाजार की ताजा खबरों और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। यह किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।