Business 16 Sep, 2026 222 views

Sensex-Nifty Closing: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, Sensex डे-हाई से 1,442 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹10 लाख करोड़ से ज्यादा घटी

15 सितंबर को साप्ताहिक एक्सपायरी के दौरान भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। Sensex और Nifty में तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में ₹10 लाख करोड़ से अधिक की कमी आई।
Sensex-Nifty Closing: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, Sensex डे-हाई से 1,442 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹10 लाख करोड़ से ज्यादा घटी
15 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूती के साथ होने के बावजूद बाद में बिकवाली हावी हो गई और सेंसेक्स तथा निफ्टी लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स अपने दिन के ऊपरी स्तर से करीब 1,400 अंक नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 23,150 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे बंद हुआ। Sensex और Nifty की क्लोजिंग 15 सितंबर को BSE Sensex 777.94 अंक यानी 1.04% गिरकर 74,003.82 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 50 279.50 अंक यानी 1.19% टूटकर 23,118.60 पर पहुंच गया। निफ्टी ने कारोबारी सत्र में 23,118.60 का निचला स्तर भी देखा, जो करीब पांच महीने का निचला स्तर था। बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। BSE पर बढ़ने वाले शेयरों की तुलना में गिरने वाले शेयरों की संख्या काफी अधिक रही। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? 1. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार पर सबसे बड़ा दबाव बढ़ती क्रूड ऑयल कीमतों से आया। रिपोर्टों के मुताबिक ब्रेंट क्रूड की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई थी। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा सकता है। मध्य पूर्व में जारी तनाव ने भी तेल की सप्लाई को लेकर बाजार की चिंता बढ़ाई। निवेशकों ने इसी वजह से जोखिम वाली परिसंपत्तियों में सतर्कता बढ़ाई। 2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के ऊपर पहुंच गई। इतनी ऊंची बॉन्ड यील्ड का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है क्योंकि निवेशक सुरक्षित और अपेक्षाकृत ज्यादा रिटर्न देने वाली परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई थी। सिर्फ IT सेक्टर में दिखी मजबूती 15 सितंबर के कारोबार में ज्यादातर सेक्टर दबाव में रहे, लेकिन Nifty IT ने बाजार की सामान्य दिशा से अलग प्रदर्शन किया। Nifty IT करीब 2.19% बढ़कर 29,555.30 पर बंद हुआ। Infosys और HCL Technologies जैसे IT शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जबकि TCS और Tech Mahindra में भी बढ़त रही। इसके उलट Realty, Metal, Auto, PSU Bank और Financial Services जैसे सेक्टरों में कमजोरी रही। Nifty Realty करीब 4% और Nifty Metal करीब 2.5% नीचे रहा। किन शेयरों पर ज्यादा दबाव रहा? निफ्टी 50 में Bharat Electronics, Shriram Finance, Adani Enterprises, InterGlobe Aviation और Grasim Industries जैसे शेयरों में कमजोरी रही। दूसरी ओर HCL Technologies, Infosys, TCS, Tech Mahindra और Wipro जैसे IT शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया। Solar Industries भी चर्चा में रहा। कंपनी की सब्सिडियरी द्वारा दक्षिण अफ्रीका की Omnia Holdings को खरीदने की करीब 1.36 अरब डॉलर की डील की खबर के बाद शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की संपत्ति पर क्या असर पड़ा? बाजार में भारी बिकवाली के कारण कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में बड़ी कमी आई। अलग-अलग रिपोर्टों में इस गिरावट को करीब ₹9 लाख करोड़ से ₹10 लाख करोड़ से अधिक के दायरे में बताया गया है, इसलिए आंकड़े स्रोत और गणना के समय के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसका मतलब यह है कि बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में एक कारोबारी सत्र के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज हुई। आगे बाजार के लिए कौन से संकेत महत्वपूर्ण होंगे? अब निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल, वैश्विक बाजारों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर रहेगी। तकनीकी स्तर पर भी 23,100 के आसपास निफ्टी की चाल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि किसी भी अगले स्तर या दिशा को निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि बाजार वैश्विक घटनाओं के कारण तेजी से बदल सकता है। बाजार में अस्थिरता का एक और पहलू SEBI ने हाल ही में डेरिवेटिव्स की सेटलमेंट प्रक्रिया में बदलाव के विकल्पों पर चर्चा शुरू की है। Reuters के अनुसार, नए क्लोजिंग ऑक्शन से जुड़ी अस्थिरता को देखते हुए नियामक ने कुछ बदलावों के प्रस्ताव रखे हैं। यह प्रक्रिया आगे चलकर एक्सपायरी-दिन के कारोबार की अस्थिरता पर असर डाल सकती है। निवेशकों के लिए क्या समझना जरूरी है? ऐसे बाजार में केवल एक दिन की गिरावट देखकर किसी शेयर को खरीदने या बेचने का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन, अपने निवेश की अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए। यह लेख केवल बाजार की खबर और जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए। FAQs 1. 15 सितंबर 2026 को Sensex कितने पर बंद हुआ? Sensex 777.94 अंक या 1.04% गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ। 2. 15 सितंबर को Nifty कितने पर बंद हुआ? Nifty 279.50 अंक यानी 1.19% गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। 3. शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही? बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मौद्रिक नीति को लेकर चिंता बाजार पर दबाव डालने वाले प्रमुख कारकों में रहे। 4. कौन सा सेक्टर बाजार की गिरावट के दौरान मजबूत रहा? Nifty IT बाजार के प्रमुख सेक्टरों में अलग प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा और करीब 2.19% की बढ़त के साथ बंद हुआ। 5. क्या Nifty 23,150 के नीचे बंद हुआ? हां। Nifty 50 23,118.60 पर बंद हुआ, यानी 23,150 के स्तर से नीचे। 6. क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी? बाजार की अगली दिशा निश्चित रूप से बताना संभव नहीं है। आने वाले सत्रों में कच्चे तेल, वैश्विक बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी मौद्रिक नीति, रुपये और विदेशी बाजारों की चाल महत्वपूर्ण रहेगी।
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