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16 Sep, 2026
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LIC के फर्जी चेक मामले में समीर जोशी को 3 साल 6 महीने की सजा, कोर्ट ने लगाया ₹20 हजार जुर्माना
LIC के 29 फर्जी चेक से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लखनऊ की विशेष PMLA अदालत ने समीर जोशी को 3 साल 6 महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
लखनऊ: लखनऊ की विशेष PMLA अदालत ने LIC के फर्जी चेक से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में समीर जोशी को दोषी ठहराते हुए 3 साल 6 महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर ₹20,000 का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत के आदेश के मुताबिक यदि जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है तो समीर जोशी को 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला LIC के 29 फर्जी चेक तैयार करने और उन्हें धोखाधड़ी से भुनाने से जुड़ा है। इन चेकों की कुल कीमत करीब ₹54.23 लाख बताई गई है। मामले की मूल जांच CBI द्वारा दर्ज मामले के आधार पर आगे बढ़ी और बाद में ED ने PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की।
ED की जांच के अनुसार, समीर जोशी को कथित तौर पर अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से अपराध से प्राप्त रकम मिली और बाद में उस रकम का इस्तेमाल विभिन्न गतिविधियों में किया गया।
₹14 हजार की रकम भी हुई अटैच
ED की जांच में जोशी से संबंधित करीब ₹14,000 की अपराध से प्राप्त रकम की पहचान की गई थी। इस रकम के बराबर उनकी पैतृक संपत्ति पर अटैचमेंट की कार्रवाई की गई थी। कोर्ट ने संबंधित संपत्ति को केंद्र सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश भी दिया।
पहले भी हुई थी सजा
इस मामले से जुड़े मूल अपराध में CBI अदालत ने 7 अगस्त 2026 को समीर जोशी को दोषी ठहराया था और उन्हें 1 साल 9 महीने की सजा सुनाई थी। रिपोर्ट के अनुसार दोनों मामलों की सजाएं साथ-साथ चलने की बात कही गई है।
निष्कर्ष
लखनऊ की विशेष PMLA अदालत का यह फैसला फर्जी LIC चेक और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आया है। कोर्ट ने समीर जोशी को 3 साल 6 महीने के कठोर कारावास के साथ ₹20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।