News 20 Sep, 2026 283 views

H-1B Visa पर फिर बड़ा झटका! $100,000 फीस एक साल और बढ़ी, भारतीय प्रोफेशनल्स पर क्या होगा असर?

अमेरिका ने कुछ नए H-1B मामलों में लागू $100,000 भुगतान की व्यवस्था को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। नई घोषणा के बाद यह प्रतिबंध सितंबर 2027 तक जारी रहेगा। भारत के IT प्रोफेशनल्स और अमेरिकी कंपनियों पर इसका क्या असर पड़ेगा, जानिए पूरी जानकारी।
H-1B Visa पर फिर बड़ा झटका! $100,000 फीस एक साल और बढ़ी, भारतीय प्रोफेशनल्स पर क्या होगा असर?
H-1B Visa News: अमेरिका ने $100,000 भुगतान की अवधि बढ़ाई अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर एक बार फिर बड़ा बदलाव सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ H-1B मामलों पर लागू $100,000 भुगतान की शर्त को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। 18 सितंबर 2026 को जारी राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार यह व्यवस्था अब 21 सितंबर 2027 तक जारी रहेगी। H-1B वीजा अमेरिका में विदेशी नागरिकों को विशेष कौशल वाली नौकरियों में काम करने की अनुमति देता है। टेक्नोलॉजी सेक्टर में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है और भारत से बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स इस कार्यक्रम के जरिए अमेरिका जाते हैं। क्या हर H-1B वीजा पर लगेगी $100,000 फीस? यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। नहीं। $100,000 भुगतान हर H-1B धारक की सामान्य वीजा फीस नहीं है। नई घोषणा में यह व्यवस्था मुख्य रूप से ऐसे कुछ नए H-1B मामलों पर लागू है, जिनमें संबंधित कर्मचारी अमेरिका के बाहर है और नए petition के आधार पर अमेरिका में प्रवेश करना चाहता है। घोषणा में कुछ सीमित राष्ट्रीय हित वाले अपवाद भी दिए गए हैं। इसलिए मौजूदा H-1B धारकों और अमेरिका में पहले से मौजूद कई श्रेणियों को इस व्यवस्था के दायरे में सीधे नहीं रखा गया है। पहले फीस कितनी थी? $100,000 की राशि सामान्य H-1B शुल्क की तुलना में बहुत बड़ी है। Reuters के अनुसार पहले संबंधित सरकारी फीस आम तौर पर लगभग $2,000 से $5,000 के दायरे में थी। नई व्यवस्था से किसी कंपनी के लिए विदेश से H-1B कर्मचारी को अमेरिका लाने की लागत काफी बढ़ सकती है। भारत के IT प्रोफेशनल्स पर क्या असर? भारत H-1B कार्यक्रम का प्रमुख लाभार्थी रहा है, खासकर IT और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में। इसलिए अमेरिकी कंपनियों की विदेश से भर्ती की रणनीति में बदलाव होने पर भारतीय टेक प्रोफेशनल्स पर भी असर पड़ सकता है। कंपनियों के सामने अब दो प्रमुख सवाल हैं— - क्या वे इतनी बड़ी अतिरिक्त लागत वहन करेंगी? - क्या वे अमेरिका के बाहर, जैसे भारत में, टेक टीमों का विस्तार करेंगी? Reuters ने रिपोर्ट किया है कि कुछ बड़ी कंपनियां अमेरिका में H-1B से जुड़ी परिस्थितियों के बीच भारत में अपने ऑपरेशन बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। H-1B आवेदन पर कंपनियों की जांच भी बढ़ेगी सिर्फ फीस ही नहीं, अमेरिकी प्रशासन ने H-1B प्रक्रिया में कंपनियों की जांच बढ़ाने के लिए भी नए कदम घोषित किए हैं। नई व्यवस्था में अधिकारियों को H-1B आवेदन पर विचार करते समय संबंधित कंपनी के हाल के या प्रस्तावित अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी के रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखने का निर्देश दिया गया है। इसका मतलब है कि भविष्य में H-1B स्पॉन्सर करने वाली कंपनियों के लिए केवल वीजा फीस ही नहीं, बल्कि भर्ती और रोजगार रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण हो सकता है। H-1B $100,000 फीस पर कोर्ट में मामला भी चल रहा है इस पूरी कहानी का एक महत्वपूर्ण पहलू कानूनी विवाद भी है। अमेरिका की अदालतों में $100,000 भुगतान की व्यवस्था को चुनौती दी गई है। जुलाई 2026 में First Circuit Court of Appeals ने सरकार की उस मांग को स्वीकार नहीं किया जिसमें पहले के फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई थी। AILA के अनुसार USCIS ने इसके बाद कहा था कि वह फिलहाल $100,000 भुगतान एकत्र नहीं करेगा। इसलिए राष्ट्रपति की नई घोषणा के बावजूद इस फीस की वास्तविक वसूली और कानूनी स्थिति पर अदालतों के फैसलों का असर पड़ सकता है। सरकार का क्या कहना है? व्हाइट हाउस का कहना है कि $100,000 भुगतान और H-1B चयन में नए बदलावों का उद्देश्य कम वेतन वाले और कम-कुशल विदेशी श्रमिकों की भर्ती को हतोत्साहित करना तथा अधिक उच्च-कौशल और उच्च-वेतन वाली नौकरियों को प्राथमिकता देना है। व्हाइट हाउस के अनुसार बड़े IT outsourcing firms की H-1B registrations में 92% की गिरावट आई है। यह आंकड़ा प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों पर आधारित है। आगे क्या होगा? अब H-1B वीजा को लेकर तीन चीजों पर नजर रहेगी: 1. अदालतों में $100,000 भुगतान को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई। 2. अमेरिकी कंपनियों की नई H-1B भर्ती रणनीति। 3. भारतीय IT प्रोफेशनल्स और outsourcing कंपनियों पर इसका प्रभाव। अमेरिका की नई नीति कम से कम सितंबर 2027 तक जारी रखने की घोषणा की गई है, लेकिन अदालतों के फैसले इसकी वास्तविक implementation को प्रभावित कर सकते हैं। FAQ 1. H-1B वीजा की नई फीस कितनी है? कुछ नए H-1B मामलों में अमेरिका ने $100,000 भुगतान की शर्त लागू की है। यह हर H-1B वीजा धारक की सामान्य फीस नहीं है। 2. $100,000 भारतीय कर्मचारियों को देना होगा? व्यवस्था मुख्य रूप से संबंधित employer/petition से जुड़ी है और कुछ नए मामलों में लागू होती है। इसलिए इसे सीधे हर भारतीय कर्मचारी की व्यक्तिगत फीस समझना सही नहीं होगा। 3. यह नियम कब तक बढ़ाया गया है? नई राष्ट्रपति घोषणा के अनुसार प्रतिबंध 21 सितंबर 2027 तक बढ़ाया गया है। 4. क्या मौजूदा H-1B धारक प्रभावित होंगे? नई घोषणा मुख्य रूप से अमेरिका के बाहर मौजूद कुछ नए H-1B workers के प्रवेश से संबंधित है। मौजूदा H-1B धारकों पर इसका प्रभाव उनकी स्थिति और petition के प्रकार पर निर्भर करता है। 5. क्या $100,000 फीस पर कोर्ट केस चल रहा है? हाँ। इस भुगतान व्यवस्था को अदालत में चुनौती दी गई है और जुलाई 2026 में First Circuit ने सरकार की stay request को अस्वीकार किया था। निष्कर्ष H-1B वीजा पर $100,000 भुगतान की व्यवस्था को एक और साल बढ़ाए जाने से अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों की भर्ती को लेकर कंपनियों की लागत और रणनीति पर असर पड़ सकता है। भारत के IT professionals के लिए भी यह महत्वपूर्ण खबर है क्योंकि H-1B कार्यक्रम भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स के बीच एक अहम कड़ी है। हालांकि, इस मामले में अदालती कार्रवाई अभी महत्वपूर्ण है, इसलिए $100,000 भुगतान को लेकर अंतिम स्थिति भविष्य के न्यायिक फैसलों से बदल सकती है।
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